JANTA KI PUKAR

अतीक अहमद के फाइनेंसर नफीस बिरयानी की सोमवार सुबह मौत हो गई। प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद नफीस बिरयानी को रविवार शाम हार्ट अटैक आया। जेल प्रशासन ने उसे प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में भर्ती करवाया। 3 डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही थी। देर रात करीब 2 बजे उसकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया, “उसकी हार्ट अटैक के बाद किडनी भी फेल हो गई थी।” अब पुलिस उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की तैयारी कर रही है।

26 दिन पहले हुआ था अरेस्ट
अतीक अहमद के फाइनेंसर नफीस बिरयानी को प्रयागराज पुलिस मार्च से तलाश कर रही थी। नफीस करीब 9 महीने तक फरार रहा। 22 नवंबर 2023 को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में नफीस बिरयानी के पैर में गोली लगी थी। उमेश पाल मर्डर केस में इस्तेमाल की गई कार पहले नफीस बिरयानी के नाम पर ही रजिस्टर्ड थी। उमेश पाल मर्डर केस में नफीस बिरयानी के खिलाफ धूमनगंज थाने में FIR दर्ज है।

अतीक के गुर्गें नफीस के रेस्टोरेंट पर बिरयानी खाने पहुंचते थे
दरअसल, पहले नफीस का रेस्टोरेंट ईट ऑन सिविल लाइंस में संचालित हो रहा था, लेकिन प्रशासन ने उसे ध्वस्त करा दिया था। इसके बाद ईट ऑन रेस्टोरेंट का दोबारा संचालन पीडी टंडन रोड पर BHS के सामने शुरू हुआ। बताया जाता है कि इसमें माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ ने काफी सहयोग किया था।

यहां अतीक से जुड़े ज्यादातर लोग शाम को बिरयानी खाने पहुंचते थे। उमेश पाल हत्याकांड के बाद नफीस की गिरफ्तारी हो गई और ईट ऑन रेस्टोरेंट पर ताला लटक गया। अब सोमवार से एग्रीमेंट खत्म होने के बाद यह रेस्टोरेंट अवैध हो जाएगा। ईट ऑन की एक शाखा फाफामऊ के शांतिपुरम् में भी संचालित हो रही है।

शाइस्ता को 25 लाख महीना पहुंचाता था नफीस
माफिया अतीक अहमद और अशरफ का करीबी नफीस बिरयानी शाइस्ता परवीन को हर माह 25 से 30 लाख पहुंचाता था। यह उसकी कमाई का हिस्सा होता था। दरअसल, नफीस को ईट आन रेस्टोरेंट से मोटी कमाई होती थी। नफीस बिरयानी के धंधे में अतीक और अशरफ के भी रुपए लगे थे। जब पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नफीस को गिरफ्तार किया था तभी इन सब बातों का पता चला था।

उमेश पाल हत्याकांड में मोस्टवांटेड था नफीस बिरयानी
पुलिस का दावा है कि 24 फरवरी को उमेश पाल के शूटर्स ने जिस क्रेटा कार का इस्तेमाल किया था वह कार नफीस बिरयानी ने ही मुहैया कराई थी। वह अतीक के भाई अशरफ का बेहद करीबी था।

उमेश पाल हत्याकांड में मोस्टवांटेड नफीस बिरयानी को प्रयागराज पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में भागते वक्त उसके बाएं पैर में गोली मारी। गोली लगते ही वह गिर गया, जबकि मौके से उसका एक साथी फरार हो गया। मो. नफीस पर 50 हजार का इनाम भी रखा गया था।

कभी ठेले पर बिरयानी भेजता था नफीस

नफीस बिरयानी शहर के खुल्दाबाद इलाके का रहने वाला था। वह माफिया अतीक के भाई अशरफ के साथ पढ़ाई किया था। बताते हैं कि कभी वह जब आर्थिक तंगी से जूझ रहा था तब वह करेली में ठेला लगाकर बिरयानी बेचता था। लेकिन धीरे-धीरे वह अशरफ के नजदीक आया और उसके सहयोग से आगे बढ़ने लगा। सिविल लाइन में एमजी मार्ग पर ईटऑन बिरियानी रेस्टोरेंट खोला। शहर के मंसूर अली पार्क में एनआरसी और सीएए के आंदोलन के दौरान वह प्रदर्शनकारियों के लिए धरने में नियमित रूप से बिरयानी पहुंचाया करता था।अतिक्रमण करने के मामले में उसे जमींदार कर दिया गया। इसके बाद उसने अतीक और अशरफ के सहयोग से बीएचएस के सामने बड़ा रेस्टोरेंट खोला लेकिन उमेश पाल हत्याकांड के बाद से वह भी बंद हो गया।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *