JANTA KI PUKAR

भाजपा ने आज लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जारी की है। यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 51 सीटों पर पर प्रत्याशी पहले ही उतारे जा चुके हैं, वहीं बची हुई अन्य सीटों आज सूची जारी की है। भाजपा का गढ़ कही जाने वाली बरेली लोकसभा सीट इस समय लखनऊ और दिल्ली तक चर्चाओं में रही।

भाजपा से इस सीट पर बहेड़ी के पूर्व विधायक डॉ छत्रपाल गंगवार को प्रत्याशी बनाया है। वह 2017 से 22 तक विधायक रहे हैं, उन्हें योगी सरकार ने मंत्री भी बनाया था, लेकिन 2022 में वह सपा प्रत्याशी के आगे विधानसभा चुनाव हार गए थे। यह माना जा रहा था कि यहां गंगवार वोटों की संख्या अधिक है, इसलिए गंगवार जाति के व्यक्ति को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा।

भाजपा का गढ़ है बरेली लोकसभा सीट

इस सीट पर गंगवार बिरादरी के वोटों की संख्या 3.5 लाख के आसपास बताई जाती है। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि यदि उम्र को देखते हुए संतोष गंगवार का टिकट नहीं होता है तो गंगवार बिरादरी के ही नेता को टिकट दिया जाएगा, आखिरी में यही हुआ।

भाजपा से बरेली के 2 बार महापौर बन चुके डॉ उमेश गौतम का नाम भी चर्चाओं मे रहा, वह संघ के भी करीबी माने जाते हैं। बरेली शहर में मिलनसार छवि व महापौर के काम देखते हुए सीएम योगी के भी करीबी माने जाते हैं। डॉ उमेश गौतम मौजूद समय में बरेली से महापौर हैं। लेकिन वह महापौर हैं, ऐसे में डॉ छत्रपाल गंगवार को प्रत्याशी बनाया गया है।

1952 से लेकर 2024 तक एक नजर

1952 के पहले चुनाव से लेकर यहां 2019 तक यहां भाजपा का ही दबदबा रहा है। पूर्व में कांग्रेस ने जरूर जीत दर्ज की, लेकिन पीछे तीन दशक में बसपा और सपा का इस सीट पर खाता तक नहीं खुला। ऐसे में इस सीट पर सपा की राह आसान नहीं दिख रही।

1952 के पहले लोकसभा चुनाव में यहां बरेली की सीट पर कांग्रेस के संतीश चंद्र विजय की जीत हुई। दूसरे चुनाव में भी कांग्रेस की जीत हुई, लेकिन 1962 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ से बृजराज सिंह सांसद बने। 1967 के लोकसभा चुनाव में फिर से जनसंघ का कब्जा रहा, लेकिन प्रत्याशी बदल दिए गए। 1967 के चुनाव में बृजभूषण लाल संसद बने। 1971 में कांग्रेस की जीत हुई और संतीष चंद्र दूसरी बार सांसद बने।

इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए चुनाव में जनता दल के राममूर्ति ने कांग्रेस को शिकस्त दी और सांसद बने। 1980 के लोकसभा चुनाव में जनता दल ने पहली बार यहां मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया। और मिसरयार खान ने 1980 में जीत दर्ज की, अगले साल 1981 में कांग्रेस की आबिदा बेगम ने जीत दर्ज की।

By PAKHI

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